ताइज़, 29 अक्टूबर 2026: यमन के पश्चिमी ताइज़ प्रांत में सऊदी अरब के हवाई हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। हूती प्रशासन के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हालांकि, हमले में हताहतों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ताइज़ शहर के आसपास लड़ाई तेज हो गई है और क्षेत्र में मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
ताइज़ शहर की घेराबंदी से बढ़ी मुश्किलें
ताइज़ यमन का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। रिपोर्ट के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने अक्टूबर की शुरुआत से शहर को घेर रखा है। इस कारण आम लोगों की आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
ताइज़ के गवर्नर नबील शमसान ने कहा कि शहर में खाद्य संकट गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। उनके मुताबिक, खाना पकाने की गैस की आपूर्ति पूरी तरह बाधित है और अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो रही है।
मानवीय संगठनों ने जताई चिंता
ह्यूमन राइट्स वॉच ने चेतावनी दी है कि घेराबंदी के दौरान लोगों को भूखा रखना युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है। विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के अनुसार, ताइज़ में 6 लाख से अधिक ऐसे लोगों तक सहायता पहुंचाना मुश्किल हो गया है जो राहत सामग्री पर निर्भर हैं।
वहीं, हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने शहर की घेराबंदी से जुड़ी खबरों को खारिज किया है। उनका कहना है कि भोजन और मानवीय जरूरतों की आपूर्ति के रास्ते खुले हैं।
क्षेत्रीय संघर्ष का असर आम नागरिकों पर
यमन में जारी संघर्ष के बीच ताइज़ में लगातार बिगड़ती स्थिति ने नागरिकों की सुरक्षा और राहत पहुंचाने की चुनौती बढ़ा दी है। अस्पतालों में जरूरी चिकित्सा संसाधनों की कमी और खाद्य आपूर्ति में रुकावट से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
फिलहाल 13 मौतों का आंकड़ा हूती प्रशासन के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दिया गया है। स्वतंत्र पुष्टि और सऊदी गठबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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