दरभंगा, 25 अक्टूबर 2026: बिहार के दरभंगा जिले में बेनीपुर से मनीगाछी को जोड़ने वाली करीब 18 किलोमीटर लंबी सड़क की गुणवत्ता की जांच केंद्रीय एजेंसी की टीम ने की। शनिवार को हुई इस जांच के दौरान सड़क की मोटाई परखने के लिए अलग-अलग स्थानों पर खुदाई की गई और निर्माण सामग्री के नमूने लिए गए। इन्हें जांच के लिए दिल्ली की प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट प्रकाशित होने तक सड़क की गुणवत्ता पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया था।
23.92 करोड़ रुपये की है परियोजना
रिपोर्ट के मुताबिक, बेनीपुर-मनीगाछी सड़क परियोजना की अनुमानित लागत 23.92 करोड़ रुपये है। यह सड़क नवादा, बैगनी, सझुआर, मैनारहिका, बाजितपुर, भंडारिसम, मकरंदा और बलौर जैसे गांवों से होकर गुजरती है। इसका निर्माण जुलाई 2024 में शुरू हुआ था और जनवरी 2026 तक पूरा होना निर्धारित था।
हालांकि, रिपोर्ट में सझुआर में 760 मीटर, बाजितपुर में 540 मीटर और भंडारिसम में 2,200 मीटर सड़क का काम लंबित बताया गया है।
सड़क पर दिखीं कुछ कमियां
जांच के दौरान सड़क के कुछ हिस्सों में गिट्टी उखड़ने और किनारों पर फ्लैंक का काम अधूरा रहने की शिकायतें सामने आईं। टीम ने लगभग हर पांच किलोमीटर पर सड़क की खुदाई कर मोटाई की जांच की और नमूने जुटाए।
केंद्रीय गुणवत्ता एजेंसी के अधिकारी जगदीश गर्ग के अनुसार, नमूनों की प्रयोगशाला में जांच के बाद ही सड़क की वास्तविक गुणवत्ता के बारे में निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों ने भी कहा कि कमियां सामने आने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अब दिल्ली की प्रयोगशाला से आने वाली रिपोर्ट पर नजर रहेगी। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता और लंबित काम की स्थिति को समझने में मदद मिलेगी।