मुजफ्फरपुर, 25 अक्टूबर 2026। बिहार के मुजफ्फरपुर में फाइनेंस कंपनी के लिए काम करने वाले नौ रिकवरी एजेंटों को कथित जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर पांच ट्रक और तीन बाइक बरामद की हैं। इनमें एक बाइक चोरी की बताई गई है।
लाइव हिन्दुस्तान की 25 अक्टूबर को रात के बाद प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, मामला ट्रक चालकों को सड़क पर रोककर उनसे रुपये छीनने और वाहनों को जबरन अपने कब्जे में लेने से जुड़ा है।
ट्रक चालक की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
पहला मामला अहियापुर थाना क्षेत्र में मेडिकल ओवरब्रिज के पास फोरलेन का है। शिकायतकर्ता मंगत, जो पंजाब के संगरूर जिले के भवानीगढ़ के निवासी बताए गए हैं, ने आरोप लगाया कि रिकवरी एजेंटों ने उनके ट्रक को घेरकर रुपये छीन लिए और वाहन को अपने साथ ले गए।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच और छापेमारी की। आरोपियों की निशानदेही पर कई ट्रक बरामद किए गए।
दो अलग-अलग मामलों में हुई गिरफ्तारी
रिपोर्ट के मुताबिक, अहियापुर थाना क्षेत्र से चार और सदर थाना क्षेत्र से पांच रिकवरी एजेंट गिरफ्तार किए गए। पुलिस ने तीन बाइक और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि फाइनेंस कंपनी के नाम पर किसी वाहन को जबरन घेरना, चालक से मारपीट करना या रुपये छीनना कानूनन स्वीकार्य नहीं है। पुलिस अब संबंधित कंपनी के मैनेजर और मालिकों की भूमिका की भी जांच करेगी।
फाइनेंस कंपनियों की वसूली प्रक्रिया पर सवाल
यह मामला वाहन ऋण की वसूली में इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों पर सवाल खड़ा करता है। बकाया वसूली के लिए एजेंटों को कानून के दायरे में रहना होता है। पुलिस ने कहा है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
महत्वपूर्ण समय-स्पष्टीकरण: यह खबर 25 अक्टूबर को रात 1:19 बजे प्रकाशित हुई थी। उपलब्ध रिपोर्ट गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत की कार्रवाई शनिवार को होने की बात कहती है; घटना आधी रात के बाद ही हुई थी, इसकी पुष्टि रिपोर्ट से नहीं होती।
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