चंडीगढ़, 28 मार्च 2026: सांसद सतनाम सिंह संधू ने सदन में केंद्र सरकार से गुरु नानक देव जी के नाम पर लुधियाना की पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में बाजरे पर रिसर्च करने के लिए एक रिसर्च सेंटर बनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि गुरु नानक देव जी पहले सिख गुरु थे, जिन्होंने 15वीं सदी में भारत में बाजरे (कोधरा) के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया था। सांसद ने रिसर्च करने तथा अधिक उपज वाली किस्में पैदा करने में पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की भूमिका को रेखांकित किया, जिसने हरित क्रांति के दौरान भारत को अनाज के मामले में आत्मनिर्भर देश बनाने में अहम भूमिका निभाई।
सांसद सतनाम संधू ने केंद्रीय कृषि मंत्री को पिछले सत्र में पराली जलाने से बढ़े वायु प्रदूषण के लिए पंजाब के किसानों को ज़िम्मेदार न ठहराने वाले आंकड़े संसद पेश करने के लिए धन्यवाद दिया।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने संसद में एक बार फिर दोहराया कि वायु प्रदूषण स्तर बढ़ने के लिए किसान ज़िम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने पंजाब के मोगा के किसानों की प्रशंसा की, जिन्होंने पराली जलाने के पुराने तरीकों को अपनाने के बजाय, फसल अवशेष मैनेजमेंट के नए तरीके अपनाए हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने नवंबर 2025 में मोगा के रणसिंह कलां गांव का दौरा किया, जहां उन्होंने पंजाब के किसानों को फसल अवशेष (पराली) को नए तरीके जैसे सीधी बुवाई अपनाते हुए देखा। उन्होंने सदन को बताया कि पंजाब के किसानों के लिए बाजरे की कुल 45 ज़्यादा पैदावार वाली किस्में जारी भी की गईं, जिनमें ज्वार, बाजरा और दूसरी किस्में शामिल हैं, जिनकी वर्तमान में मानसा, मोगा, रूपनगर तथा संगरूर में खेती की जा रही है।
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