गोरखपुर, 30 सितंबर 2025: शारदीय नवरात्र के आठवें दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक ‘महानिशा पूजा’ का विधिवत आयोजन किया। गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में योगी ने सदियों पुरानी परंपरा निभाते हुए वैदिक मंत्रों की गूंज और हवन की पवित्र ज्योति के बीच पूरे अनुष्ठान को संपन्न कराया।
लखनऊ से गोरखपुर पहुंचे योगी ने मंदिर जाने से पहले कुसम्ही वन के बुढ़िया माई मंदिर में भी पूजा की। फिर गर्भगृह में दर्शन करने के बाद अपने गुरु महंत अवैद्यनाथ की समाधि पर माथा टेकते हुए रात भर चलने वाली इस पूजा में शामिल हुए।
दो घंटे से ज्यादा चली इस भव्य पूजा में भगवान गणेश से लेकर देवी दुर्गा, राम-सीता-लक्ष्मण, कृष्ण, नवग्रह, शिव-शक्ति, काल भैरव, अस्त्र-शस्त्र, द्वादश ज्योतिर्लिंग, अर्धनारीश्वर और अन्य देवी-देवताओं की आराधना की गई। हवन वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र और अग्नि देवता का आह्वान कर पूजन हुआ।
शक्तिपीठ में जौ के हरे-भरे पौधों को काटकर आदिशक्ति मां दुर्गा से लोक कल्याण की कामना की गई। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी ने खुद हवन कर पूजा को पूर्ण किया।
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