प्रयागराज, 27 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भारी बारिश भूस्खलन और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और खतरे के निशान (84.73 मीटर) के करीब पहुंच गया है।
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार (27 अगस्त 2025) शाम 4 बजे तक नैनी में यमुना नदी का जलस्तर 83.98 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, गंगा नदी का जलस्तर फाफामऊ में 83.79 मीटर, छतनाग में 83.36 मीटर और बक्शी बांध पर 83.98 मीटर रहा।
उपजिलाधिकारी (सदर) अभिषेक सिंह ने बताया कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार से ही राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। सदर क्षेत्र में पांच आश्रय स्थल खोले गए हैं, जिनमें लगभग 1200 लोग शरण ले चुके हैं। इनमें एक आश्रय स्थल सदर बाजार में और दूसरा छोटा बघाड़ा में एनी बेसेंट स्कूल में स्थापित किया गया है। इसके अलावा, तीन अन्य आश्रय स्थल भी चालू किए गए हैं, और तीन और आश्रय स्थल जल्द शुरू होने वाले हैं।
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें तैनात की हैं, जो नावों और मोटरबोटों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं।
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