शिमला, 11 जुलाई 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ED) शिमला ने सोलन के मानव भारती विश्वविद्यालय (MBU) से जुड़े फर्जी डिग्री घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत तीन कमीशन एजेंटों अभिषेक गुप्ता, हिमांशु शर्मा और अजय कुमार की 1.74 करोड़ रुपये की सात अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।
ये संपत्तियां बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में स्थित हैं। यह कार्रवाई सोलन के धर्मपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज तीन एफआईआर के आधार पर की गई है, जिनमें विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
ED की जांच में पता चला है कि मानव भारती विश्वविद्यालय के चेयरमैन राज कुमार राणा ने कई कमीशन एजेंटों और अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर MBU के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्रियां बेचीं।
इस घोटाले में कमीशन एजेंटों ने खरीददारों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। फर्जी डिग्रियों की बिक्री से 387 करोड़ रुपये की अपराध की आय (Proceeds of Crime) अर्जित की गई। इस अवैध कमाई का उपयोग राणा और उनके सहयोगियों, जिसमें कमीशन एजेंट भी शामिल हैं, ने कई राज्यों में चल और अचल संपत्तियों को खरीदने में किया।
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