Delhi High Court: PHD पूरी कर चुके JNU छात्रों को 15 अगस्त तक खाली करना होगा हॉस्टल

by Manu
JNU

नई दिल्ली, 10 जुलाई 2025: दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में शोधार्थियों को छात्रावास सुविधा के विस्तार से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता छात्र जानमणि दास को 15 अगस्त तक छात्रावास का कमरा खाली करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद JNU प्रशासन ने एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी।

याचिकाकर्ता ने अपनी मांग में इस साल 31 दिसंबर तक छात्रावास सुविधा बढ़ाने की गुहार लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने 27 जून को सुनाए गए फैसले में स्पष्ट किया कि छात्र को 15 अगस्त तक कमरा खाली करना होगा। JNU प्रशासन ने कहा कि इस आदेश के बाद सभी शोधार्थियों को बिना समयसीमा के छात्रावास सुविधा देना संभव नहीं है। ऐसा करने से नए शैक्षणिक सत्र में दाखिल होने वाले छात्रों के लिए हॉस्टल की उपलब्धता में दिक्कत होगी और यह विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन भी होगा।

विश्वविद्यालय ने यह भी बताया कि कुछ छात्रों ने प्राक्टोरियल बोर्ड द्वारा लगाए गए दंड के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं और विश्वविद्यालय के फैसले को बरकरार रखा। अब सभी छात्रों और संबंधित पक्षों के लिए हाईकोर्ट के आदेश का पालन करना अनिवार्य है।

JNU प्रशासन ने जोर देकर कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा छात्रों के हितों के प्रति संवेदनशील रहा है, लेकिन छात्रावास सुविधा के नियमन और नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है ताकि नए छात्रों को आवास की कमी का सामना न करना पड़े।

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