Amarnath Yatra 2025: अमरनाथ यात्रा 2025 की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। बुधवार, 3 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास बेस कैंप से लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने 146 वाहनों में सवार श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को श्रीनगर के लिए रवाना किया। यह जत्था बालटाल और पहलगाम मार्गों से पवित्र अमरनाथ गुफा में शिवलिंग के दर्शन के लिए रवाना हुआ। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह यात्रा शुरू हुई, और श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयकारों के साथ उत्साह से भरे हुए थे।
श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
श्रद्धालुओं का कहना है कि यह यात्रा आतंक को करारा जवाब है। भक्तों ने जोश के साथ कहा, “हमारी आस्था आतंक से बड़ी है। हम बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आए हैं और हमें अपने सुरक्षाकर्मियों पर पूरा भरोसा है।” इस साल की यात्रा 3 जुलाई से 9 अगस्त तक 38 दिनों तक चलेगी, और इसे सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
NH-44 पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। 581 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) कंपनियों की तैनाती की गई है, जिसमें सीआरपीएफ, भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और आपदा प्रतिक्रिया बल शामिल हैं। पहलगाम मार्ग पर चेहरा पहचान प्रणाली (FRS) और के-9 (कुत्ते) दस्तों के साथ निगरानी बढ़ाई गई है। रामबन में 44 सीसीटीवी कैमरों के साथ एक संयुक्त नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
जम्मू में 106 लॉजमेंट सेंटर स्थापित किए गए हैं, जो 50,000 से अधिक यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था करेंगे। इसके अलावा, स्वच्छता, मुफ्त लंगर, और चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यात्रियों को रजिस्ट्रेशन के लिए टोकन और RFID कार्ड लेना अनिवार्य है, जो जम्मू के वैष्णवी धाम, पंचायत भवन, और महाजन सभा जैसे केंद्रों से प्राप्त किए जा सकते हैं।
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