यूपी, 02 जुलाई, 2025: उत्तर प्रदेश के कांच उद्योगों को बड़ा झटका लगा है। कांच के कारखानों में ईंधन के रूप में उपयोग की जाने वाली नेचुरल गैस की कीमतों में प्रति घनमीटर डेढ़ से दो रुपये की बढ़ोतरी की गई है। जिसके कारण उद्यमी बेहद परेशान हैं। इन कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कांच उद्यमियों को घरेलू बाजारों से मिले ऑर्डरों को पूरा करने में लाखों रुपयों का नुकसान हो सकता है।
ईरान और इस्राइल के बीच हालिया तनाव का असर अब जिले के कांच उद्योगों पर दिखना भी शुरू हो गया है। कांच कारखानों में ईंधन के रूप में उपयोग होने वाली नेचुरल गैस की कीमतों में प्रति घनमीटर डेढ़ से दो रुपये की बढ़ोतरी की गई है
बतादें की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मासिक आधार पर नेचुरल गैस की कीमतों में प्रति थर्मल यूनिट 24 डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर फिरोजाबाद की कांच इकाइयों में खपत होने वाली नेचुरल गैस पर पड़ा है। 1 जुलाई से नेचुरल गैस के बिल 34.50 से 35 प्रति घनमीटर के हिसाब से जारी होंगे।
पुराने ऑर्डरों को पूरा करने में कांच उद्यमियों को होगा भारी नुक्सान
कांच कारोबारियों का कहना है की जुलाई से प्रति घनमीटर नेचुरल गैस की कीमतों में इस भारी बढ़ोतरी से न केवल निर्यात होने वाले कांच के सामान, बल्कि घरेलू ऑर्डरों को भी पूरा करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। क्यूंकि वर्तमान में नेचुरल गैस की दर लगभग 33 प्रति घनमीटर है, जो जुलाई में 34.50 से 35 प्रति घनमीटर तक पहुँच सकती है। ऐसे में, पुराने ऑर्डरों को पूरा करने में कांच उद्यमियों को भारी नुक्सान हो सकता है।
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