नई दिल्ली, 28 जून 2025: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक महिला ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित साधु स्वामी प्रदीप्तानंद, जिन्हें कार्तिक महाराज के नाम से जाना जाता है, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि 2013 से कार्तिक महाराज ने नौकरी का लालच देकर कई बार उसका यौन शोषण किया। यह साधु भारत सेवाश्रम संघ की बेलडांगा इकाई से जुड़ा है और उसने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया है।
क्या है पूरा मामला?
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि 2012 में उसकी मुलाकात स्वामी प्रदीप्तानंद (कार्तिक महाराज) से हुई थी, जब उन्होंने उसे आश्रम के चाणक आदिवासी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षक की नौकरी दिलाने का वादा किया। इसके बाद 2013 में उसे स्कूल के हॉस्टल की पांचवीं मंजिल पर ठहराया गया। महिला का आरोप है कि कार्तिक महाराज उसे बार-बार अपने ऑफिस बुलाते और वहां उसका यौन उत्पीड़न करते।
महिला ने आगे कहा कि उसे पांच दिन तक बेलडांगा के आश्रम में रखा गया, जहां भी उसका बार-बार शोषण हुआ। जब वह गर्भवती हो गई, तो उसे एक निजी नर्सिंग होम में ले जाकर जबरन गर्भपात करवाया गया। विरोध करने पर उसे धमकियां दी गईं। महिला ने बताया कि वह नौकरी की उम्मीद में चुप रही, लेकिन शोषण के कारण वह मानसिक रूप से टूट गई।
उसने यह भी आरोप लगाया कि 12 जून 2025 को उसने कार्तिक महाराज (स्वामी प्रदीप्तानंद) से फोन पर बात की, और उन्होंने उसे 13 जून को बेहरामपुर में मिलने के लिए कहा। वहां दो लोग आए, जिन्होंने उसे गाड़ी में बैठाया, धमकियां दीं और स्वामी से संपर्क न करने की हिदायत दी। इसके बाद उसे गाड़ी से धक्का देकर फेंक दिया गया।
पुलिस ने मामला दर्ज किया
पुलिस ने महिला की शिकायत पर नबाग्राम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रासप्रीत सिंह ने बताया कि जांच चल रही है, लेकिन अभी तक कार्तिक महाराज के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कार्तिक महाराज ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि साधु रात में महिला हॉस्टल में नहीं रुकते और ये आरोप उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश हैं।
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