मोहाली, 06 जून 2025: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के पहले संस्करण तीन दिवसीय ‘सीयू स्कॉलर्स समिट’ की शुरुआत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2025 (सीयूसीईटी 2025) में एडमिशन-कम-स्कॉलरशिप पएंट्रेंस टेस्ट में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स को सम्मानित करने के साथ हुई।
यह भारत के नंबर 1 निजी यूनिवर्सिटी द्वारा प्रतिभा और योग्यता को उचित मान्यता देने के प्रयास का हिस्सा है। स्काॅर्ल समिट के पहले संस्करण दौरान देश के 20 राज्य के 2516 स्टूडेंट्स को 110 स्ट्रीम्स सीयूसीईटी-2025 स्काॅलरशिप प्रदान की गई। इनमें 918 छात्राएं भी शामिल थी।
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया थे समिट मुख्य अतिथि
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने 6 जून से 8 जून तक आयोजित होने वाले इस समिट का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस अवसर पर सांसद (राज्यसभा) और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
करियर निर्माण संबंधी अंतर्दृष्टि और प्रेरणादायक नेटवर्किंग से लेकर मनोरंजन और उत्सव तक, अपने उद्घाटन के दिन सीयू स्कॉलर्स समिट ने प्रेरक वक्ताओं, इंडस्ट्री एक्सपर्ट और मशहूर हस्तियों के साथ स्टार-स्टडेड इंटरेक्टिव सेशन के साथ इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स का स्वागत किया, जिनमें आईएएस अधिकारी सोनल गोयल, जो वर्तमान में त्रिपुरा सरकार में सचिव के रूप में कार्यरत हैं, इन्फ्लुएंसर गौरव तनेजा (फ्लाइंग बीस्ट), गायिका और अभिनेत्री खुशबू ग्रेवाल, अभिनेता बिन्नू ढिल्लों, गायक जी खान और अभिनेत्री कनिका मान शामिल हैं।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के 30 अचीवर्स और 9 अलुमनाई स्टूडेंट्स के साथ एक अचीवर्स और एलुमनाई इंटरेक्शन सेशन भी आयोजित किया गया, जिससे स्टूडेंट्स को विभिन्न विषयों में वैल्युएबल प्रेक्टिकल इनसाइट्स प्राप्त करने में मदद मिली।
100 प्रतीशत तक स्काॅलरशिप प्रदान करती है CU
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक कटारिया ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी नई प्रतिभओं और मेधावी स्टूडेंट्स को भारत की सबसे बड़ी स्कॉलरशिप पहल सीयूसीईटी के माध्यम से 100 प्रतीशत तक स्काॅलरशिप से गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान कर रही है।
मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी नवोदित स्कॉलर्स (छात्रों) को भारत की सबसे बड़ी स्कॉलरशिप योजना प्रदान करती है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि वे गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी स्कॉलरशिप योजना का मुख्य उद्देश्य भारतीय स्टूडेंट्स के बीच उभरती प्रतिभा को बढ़ावा देना और वित्तीय बाधाओं के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अपने सपने को पूरा करने में सक्षम नहीं होने की स्थिति में उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
CU ने 210 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की – गुलाब चंद कटारिया
उन्होंने कहा कि सीयूसीईटी जैसी मेरिट-आधारित स्कॉलरशिप प्रवेश परीक्षा के माध्यम से, इस वर्ष अकेले चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा 210 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा दी जाने वाली अकादमिक स्कॉलरशिप दो बड़े राष्ट्रीय मुद्दों को संबोधित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जैसे कई स्टूडेंट्स 12वीं कक्षा पास होने के बाद भारतीय स्टूडेंट्स का शिक्षा छोड़ देते हैं, उनमें आर्थिक बाधा नहीं पड़ेगी। दूसरा, यह ब्रेन ड्रेन के मुद्दे को संबोधित करने में भी मदद करती है,जिसमें भारत की उभरती प्रतिभाएँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की तलाश में विदेशी देशों में जाती हैं, वह भी भारत में गुणवतापूर्ण शिक्षा हासिल कर सकते है।
हाल के वर्षों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के उत्थान पर राज्यपाल ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालय, जिन्हें कभी दुनिया के शीर्ष ज्ञान केंद्र माना जाता था, उनकी नींव उनके मजबूत फेकल्टी और शिक्षकों पर आधारित थी। जिसका इस बात से अंदाजा लगया जा सकता है कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में 60 देशों से अधिक से स्टूडेंट्स शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
शिक्षा जगत में शोध के महत्व पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप, शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी रीसर्च-ओरिएंटेड एजुकेशन पर विशेष जोर देती है क्योंकि सीयू के स्टूडेंट्स और फेक्ल्टी सदस्यों द्वारा 4300 से अधिक पेटेंट दायर किए गए हैं।
मोदी सरकार के तहत, 11 वर्षों की छोटी अवधि में, भारत दुनिया की चैथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है और अगर इसे नंबर 1 बनना है तो युवाओं को बहुत बड़ा योगदान देना होगा। मोदी सरकार की स्टार्ट-अप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों ने छात्रों में आत्मविश्वास का संचार किया है और उन्हें नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी देने वाले के रूप में बदलने के लिए उनमें उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा दिया है।
CU चांसलर सतनाम सिंह संधू का बयान
सांसद (राज्य सभा) और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा नई प्रतिभाओ को हमेशा से ही प्रोत्साहित किया जाता है। ताकि वह शिक्षा, खेलों, रिसर्च और सांस्कृतिक के क्षेत्र में अपना योगदान डाल सके। अगर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी देश की नंबर 1 निजी यूनिवर्सिटी बनी है। तो उसमें हमारे मेधावी स्टूडेंट्स का अहम रोल रहा हैं। क्योंकि सीयू नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निवेश कर रहे हैं। क्योंकि यह ही प्रतिभाएं हमारे देश को 2047 तक विकसित देश बनाने के सपने को साकार करेंगें।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हुए हैं, जिससे चीजें बदल गई हैं और पहले के विपरीत, अब रिवर्स माइग्रेशन शुरू हो गया है। राष्ट्र और युवाओं की प्रगति सीयू में पोषित लोकाचार का केंद्र है।