नई दिल्ली, 31 मई 2025: दिल्ली हाईकोर्ट ने नौकरी के बदले जमीन घोटाले में सीबीआई की प्राथमिकी रद्द करने की आरजेडी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि लालू यादव ट्रायल कोर्ट में अपने पक्ष को रखने के लिए स्वतंत्र हैं और मामले की कार्यवाही रोकने का कोई आधार नहीं है।
लालू यादव ने सीबीआई द्वारा दायर तीन आरोपपत्रों और ट्रायल कोर्ट के उन आदेशों को याचिका दायर कर रद्द करने की मांग की थी, जिनमें इन आरोपपत्रों पर संज्ञान लिया गया था। उनके वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि लालू के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सीबीआई ने कोई पूर्व अनुमति नहीं ली। आपको बता दे कि, ट्रायल कोर्ट 2 जून से आरोप तय करने पर बहस शुरू करने वाली है।
क्या है ये पूरा घोटाला?
यह मामला 2004-2009 के दौरान लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहते हुए कथित तौर पर ग्रुप-डी नौकरियों के बदले जमीन लेने से जुड़ा है। सीबीआई ने मई 2022 में इस मामले में लालू, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटियों मीसा भारती, हेमा यादव और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। 2024 में इस मामले में दिल्ली की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया था, जिसमें लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था।
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