सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना यूट्यूबर को पड़ा भारी

by Manu
वक्फ बोर्ड याचिका सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 30 मई 2025: चंडीगढ़ के एक यूट्यूबर अजय शुक्ला द्वारा अपने वीडियो में सुप्रीम कोर्ट के एक जज के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला गंभीर मोड़ ले चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया और यूट्यूबर के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की है।

मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर की अवकाश पीठ ने यूट्यूबर के चैनल को ऐसे वीडियो प्रकाशित करने से रोक दिया और अजय शुक्ला को आपत्तिजनक सामग्री हटाने का आदेश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई 2025 में होगी।

कोर्ट ने कहा कि इस तरह के निंदनीय और व्यापक रूप से प्रसारित आरोप न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचा सकते हैं। पीठ ने स्पष्ट किया कि संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, लेकिन यह स्वतंत्रता उचित प्रतिबंधों के अधीन है। किसी को भी न्यायाधीश को बदनाम करने या अवमानना करने वाले आरोप लगाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

सुप्रीम कोर्ट ने भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस मामले में सहायता करने को कहा है। यह कदम न्यायपालिका की प्रतिष्ठा और स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

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