ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब एक साल में 52 जासूसी उपग्रह बनाएगा इसरो

by Manu
जासूसी उपग्रह

नई दिल्ली, 13 मई 2025: भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक पूरा करने और पाकिस्तान को कुचलने के बाद भारत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। भारत ने पहले चार वर्षों में 52 जासूसी उपग्रह बनाने का निर्णय लिया था, हालांकि अब इस कार्यक्रम को घटाकर एक वर्ष करने का लक्ष्य रखा गया है। इस उपग्रह का संचालन ‘महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष-आधारित निगरानी (एसबीएस-3)’ कार्यक्रम के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें इसरो और निजी उद्योग कंपनियां मिलकर एक वर्ष के भीतर इस लक्ष्य को हासिल करेंगी।

एसबीएस-3 (SBS-3 program) कार्यक्रम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और निजी उद्योग के बीच सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है। इस कार्यक्रम के तहत इसरो 21 उपग्रहों का निर्माण करेगा, जबकि शेष 31 उपग्रहों की जिम्मेदारी तीन निजी कंपनियों – अनंत टेक्नोलॉजीज, सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स और अल्फा डिजाइन्स को सौंपी गई है।

रक्षा मंत्रालय ने इन तीनों कंपनियों को 12 से 18 महीने में कार्यक्रम पूरा करने का निर्देश दिया है, इसलिए लक्ष्य 2026 के अंत तक या उससे पहले 31 जासूसी उपग्रह बनाने का है। पहले इस लक्ष्य को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, खबरें सामने आई हैं कि यह फैसला पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने के बाद लिया गया।

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