पटियाला, 5 मई : Announcement by farmers: किसान मजदूर मोर्चा भारत और संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनैतिक के सीनियर नेताओं नेता सरवण सिंह पंधेर sarwan singh pandher और जगजीत सिंह डल्लेवाल jagjeet singh dalewal ने 6 मई को शंभू थाने का घिराव करते हुए जबर विरोधी धरना dharna देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इस मोर्चे के द्वारा हम मांग कर रहे हैं कि 19 और 20 मार्च को शंभू खनौरी मोर्चा उठाने समय पर शंभू बार्डर shambhu border पुलिसिया अत्याचार करते हुए किसान नेता बलवंत सिंह बहरामके और थाना शंभू के एसएचओ की तरफ से लाठीचार्ज करने और किसान मजदूर और महिलाओं के साथ बदसलूकी और मारपीट करने वाले पुलिस मुलाजिम police को बरखास्त किया जाये। उन्होंने कहा कि दोनों फोर्मों द्वारा आगामी दिनों में किये जाने वाले एक्शन प्रोग्रामों और अन्य विषयों पर विचार चर्चा की।
उन्होंने केंद्र की तरफ से दोबारा लिखी चि_ी और कहा कि हैरानी की बात है कि केंद्र सरकार center govt. जिसने आज तक शिक्षा नीति, खेती नीति, जीएसटी आदि चीजें और राज्यों के अधिकारों को खत्म करने का काम किया है, उधर दूसरी तरफ से देश के संघी ढांचे की बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार govt. ने न सिर्फ नेताओं को धोखे के साथ हिरासत में लेकर शंभू और खनौरी बार्डर मोर्चों को उखाडऩे का काम किया बल्कि आज भी किसानों मजदूरों पर अत्याचार जारी है, जिस कारण पंजाब सरकार को मीटिंग में बिठाने की तुक नहीं बनती।
सामान चोरी करने वालों पर दर्ज हों पर्चे
किसान नेताओं kissan ने कहा कि किसानों की चोरी हुई ट्रालियां और अन्य सामान ढूंढने में मदद करने वाले नौजवानों और राजनैतिक रंजिश के अंतर्गत करवाए गए पर्चे रद्द किए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी को पता है कि जिनकी तरफ से शंभू बार्डर से ट्रालियां और अन्य समान चोरी किया गया है, उन पर बनती कार्यवाही के अंतर्गत पर्चे दर्ज किए जाएं। उन्होंने कहा कि चोरी हुए समान जैसे ट्रालियां, ट्रैक्टर, फ्रिजों, एसी, कूलर, पंखे, लंगर का समान, सिलेंडर भट्टियां, सोलर पैनल, शैड, फर्नीचर, इनवर्टर, बैटरे जनरेटर, वाशिंग मशीनों, साउंड सैट मोटरसाईकल समरसीबल मोटरें आदि समान की भरपाई पंजाब सरकार की तरफ से जाए।
उन्होंने मांग की कि साल से अधिक समय चले इस मोर्चे दौरान 480 के करीब किसान जख्मी हुए जिन में अति गंभीर जख्मियों को 25 लाख रुपए मुआवजा और नौकरी, गंभीर जख्मियों को 15 लाख रुपए मुआवजा, जख्मियों को 5 लाख रुपए मुआवजा और साधारण जख्मियों को 1 लाख रुपए मुआवजा राशि दी जाए।
शहीद किसानों को मुआवजा राशि मिले
मोर्चे दौरान शहीद हुए किसानों के परिवारों farmer family को बनती मुआवजा राशि और परिवार के एक मैंबर को सरकारी नौकरी वायदे अनुसार जल्द दी जाए। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली आंदोलन और किसान आंदोलन 2 दौरान पाए गए सभी पुलिस केस वापस लिए जाएं। गुरदासपुर अमृतसर और तरनतारन में भारत माला प्रोजैक्ट के लिए बिना मुआवजा दिए जबरन जमीनें और कब्जे करने की सरकार की तरफ से की गई पुलिसिया कार्यवाही की सखत शब्दों में निंदा की और कहा कि बहुत जल्द इस कार्यवाही के खिलाफ तीखा एक्शन किया जा रहा है।
उन्होंने हरियाणा सरकार haryana govt. की तरफ से अदालत का कंधा इस्तेमाल करके किसान नेताओं को नोटिस निकाले जाने की सखत शब्दों में निंदा करते कहा कि यदि सरकार बाज न आई तो इसका सखत प्रतिक्रम किया जाएगा। इस मौके जसविन्दर सिंह लोंगोवाल, सुखजीत सिंह हरदोझंडे, बलदेव सिंह जीरा, अभिमन्नू कोहाड़, मनजीत सिंह राय, सुखदेव सिंह भोजराज, बीबी सुखविन्दर कौर, दिलबाग सिंह आदि उपस्थित थे।
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