पंजाबी यूनिवर्सिटी की खोज के द्वारा फाइव-जी वायरलैस एप्लीकेशनों द्वारा बेहतर संचार के लिए खोजी विधि

by TheUnmuteHindi
पंजाबी यूनिवर्सिटी की खोज के द्वारा फाइव-जी वायरलैस एप्लीकेशनों द्वारा बेहतर संचार के लिए खोजी विधि

पटियाला, 21 अप्रैल : पंजाबी यूनिवर्सिटी के ईलेक्ट्रोनिक्स और संचार इंजीनियरिंग विभाग में की गई एक खोज के द्वारा फाइव- जी वायरलैस एप्लीकेशनों द्वारा बेहतर संचार की विधि ढूूढंी गई है। प्रो. जगतार सिंह सिविया की निगरानी में खोजार्थी अमनदीप कौर की तरफ से की गई इस खोज के द्वारा विशेष किस्म का हाइब्रिड फ्रैकटल मीको एंटिना डिजाइन किया गया है। निगरान प्रो. जगतार सिंह सिविया ने बताया कि इस खोज के द्वारा डिजाइन किये गए विशेष किस्म के एंटिना के साथ तेज रफ्तार पर डाटा संचारित किया जा सकता है और यह एंटिना किसी भी और पावर या स्पेक्ट्रम का प्रयोग किये बिना एक बेहतर सकैटरिंग वातावरण में सिगनल- फेडिंग भाव सिगनल टूटने वाली स्थिति को घटा सकता है। उन्होंने बताया कि बेहतर आइसोलेशन वाले हाइब्रिड फ्रैकटल वाईडबैंड मीमो एंटीना डाईइलैकट्रिक डिजान किए गए हैं, जोकि स्थिर 2.2 के साथ रोजरज आरटी, डूरोइड 5880 सब स्टे्रट पर विभिन्न फाइव जी वायरलेंस एप्लीकेशनों के लिए कार्य कर सकते हैं।

मौजूदा युग में बढ़ रही वायरलेस उपकरणों की मांग

उन्होंने कहा कि मौजूदा टैक्नालोजी युग में ऐसे पोर्टेबल या हैड हैल्ड वायरलेस उपकरणों की मांग बढ़ रही है, जो प्रसारण भरोसेयोगता के साथ आडियो, वीडियो स्ट्रीमिंग भेजने या पा्रप्त कर सकते हें। उन्होंने बताया कि फाइव जी वायरलेस संचार अत्याआधुनिक तकनालोजी है क्योंकि उच्च डाटा दरों की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। डाटा दरों को 20 जीबीपीएस तक बढ़ाना, समर्था बेहतर करना, अति कम लेटैंसी (1एमएस), बहुत ज्यादा भरोसेयोगता व डिवाइस संचार के लिए डिवाइस को समर्थ बनाना फाइव जी नैटवर्कांे के मुख्य उद्देश्य हैं। उन्होंने कहा कि खोजार्थी अमनदीप कौर ने अपने खोज परिणामों से साबित कर दिया है कि सीमत चैनल समर्था के कारण, सिंगल इनपुट, सिंगल आउटपुट (एसआईएसओ) संचार प्रणाली फाइव जी वायरलेस के मुख्य उद्देश्य को पूरा करने में असमर्थ है। वाइस चांसलर प्रो. करमजीत सिंह की तरफ से खोजारथी अमनदीप कौर और उस के निगरान को इस खोज के लिए विशेष तौर पर बधाई दी गई।

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