पटियाला, 19 अप्रैल : पिछले कई दिनों से पड़ रही तीखी गर्मी के कारण जहां लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, वहां आज मौसम ने ख़ुशगवार होते तेज हवाओं के साथ बारिश के साथ लोगों को राहत पहुंचाई है। इस बरसात के कारण जहां लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहां मौसम का मिजाज भी बदला है। इस बदले मौसम के मिजाज के कारण पटियाला के साथ-साथ राज्य के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल गया है, जहां तेज हवाएं और भारी तूफान के बाद भारी बारिश पड़ी है। कई जगहों पर तो भयानक तूफान और तेज बारिश के साथ भारी गढ़ेमारी भी हुई है। इस बरसात और तूफान के कारण जहां लोगों को राहत मिली है, वहां कहीं ना कहीं इसने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें ला दीं हैं क्योंकि मंडियों में किसानों की फसलें खुली पड़ीं हैं, जोकि खराब होने का अंदेशा बना पड़ा है।
मौसम विभाग ने की चेतावनी जारी
इस भारी तूफान और बारिश के कारण मौसम विभाग ने एक बड़ी चेतावनी जारी करते कहा है कि आने वाले 2 दिनों यानि 19 और 20 अप्रैल को भी बारिश पड़ सकती है, जिसके साथ लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी और तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट भी आ सकती है।
बिजली सप्लाई भी रही ठप्प, फसलें खराब होने का खदशा
इस तूफान और भारी बरसात के कारण मोबाइल नैटवर्क और बिजली सप्लाई ठप्प हुई है। एक घंटे से तेज बारिश के कारण किसानों की फसल का बड़े स्तर पर नुक्सान होने का खदशा बना हुआ है। कई जिलों में हो रही भारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंडियों और खेतों में पड़ी किसानों की गेहूं की फसल का नुक्सान हो गया है। मंडियों में पड़ी फसल को किसान तिरपालें और पलियों के साथ ढक रहे हैं। इस बारिश के साथ जहां लोगों को भयानक गर्मी से राहत मिली है, वहां ही किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। कई स्थानों पर गढ़ेमारी के कारण फसलों का काफी नुक्सान हो गया है।
अनाज मंडियों में आई सोने जैसी गेहूं भी हुई बर्बाद
इस भारी तूफान और बरसात के कारण अनाज मंडियों में किसानों की पड़ी गेहूं की फसलें खराब भी हुई हैं। किसानों की 60 प्रतिशत के करीब फसलों की कटाई लगभग हो चुकी थी, जोकि मंडियों में भी पहुंच चुकी थी और ढेरों के ढेर लगे पड़े थे। आज बरसात व तूफान ने उनका बड़े स्तर पर नुकसान किया है। इस मौके किसान नेता सतनाम सिंह बहिरू व बूटा ङ्क्षसह शादीपुर ने इस बरसात व तूफान के कारण किसानों की फसलों के हुए नुकसान की भरपाई सरकार से करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसानों की पुत्रों की तरह पाली फसलें मंडियों में पड़ी थी तथा आधी कटाई के लिए खड़ी थी, जिसका आज भारी नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार को तुरंत नुकसानी गई फसलों की गिरदावरी करवा कर 25 हजार प्रति किला देना चाहिए ताकि किसानों को राहत मिल सके।