चंडीगढ़/तरन तारन, 18 अप्रैल: पंजाब को सुरक्षित बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर चल रही मुहिम के तहत पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और तरनतारन पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में आतंकवादी लखबीर सिंह उर्फ लंडा हरीके और गैंगस्टर सतनाम सिंह उर्फ सत्ता नौशहरा के गिरोह के दो अहम गुर्गों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई तरनतारन के गांव जवंदा के पास हुई संक्षिप्त गोलीबारी के बाद की गई। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महकप्रीत सिंह उर्फ महिक (गांव सेखवां, बटाला) और युवराज सिंह उर्फ जग्गू (मुरादपुरा, तरनतारन) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से दो आधुनिक पिस्तौल (एक 9 एमएम गलौक और एक .30 कैलिबर पीएक्स 30), जिंदा कारतूस और गोलियों के खोल बरामद किए हैं।
पुलिस की इस मामले पर प्रतिक्रिया
एडीजीपी (एजीटीएफ) प्रमोद बान ने बताया कि महकप्रीत और युवराज 26-27 मार्च 2025 की रात नौशहरा पन्नूआं के सरपंच के घर पर हुई गोलीबारी में शामिल थे। इस मामले में एजीटीएफ की टीमें (एआईजी संदीप गोयल की निगरानी में) और तरनतारन पुलिस (एसएसपी अभिमन्यू राणा की देखरेख में) आरोपियों की तलाश कर रही थीं। गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने नौशहरा पन्नू क्षेत्र में दोनों का पीछा किया।
एआईजी संदीप गोयल ने बताया कि जब पुलिस ने आरोपियों को रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।
एसएसपी अभिमन्यू राणा ने कहा कि महकप्रीत सिंह का आपराधिक इतिहास है और वह सरपंच के घर गोलीबारी के अलावा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के एक मामले में भी वांछित था, जिसमें दो हैंडग्रेनेड और हथियार-गोला बारूद बरामद हुए थे। पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
इस मामले में तरनतारन के सरहाली पुलिस थाने में 18 अप्रैल 2025 को एफआईआर नंबर 49 दर्ज की गई है, जिसमें बीएनएस की धारा 111(3), 113 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25(6), 25(7)(1) के तहत कार्रवाई की गई है।
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