चंडीगढ़, 2 अप्रैल 2025: पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन श्रीमती राज लाली गिल ने जीरकपुर बलात्कार मामले में अदालत के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें आरोपी पास्टर बजिंदर को मौत तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई। उन्होंने इसे महिलाओं के लिए इंसाफ की दिशा में एक बड़ा कदम करार दिया। इस मामले ने पूरे राज्य में सुर्खियां बटोरी थीं, और अब इस सजा को एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।
अपराध बर्दाश्त नहीं होंगे- पंजाब राज्य महिला आयोग
श्रीमती गिल ने एक प्रेस बयान में कहा, “यह फैसला साफ संदेश देता है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध को किसी भी हाल में सहन नहीं किया जाएगा। कानून अपना काम करेगा और पीड़िताओं को न्याय जरूर मिलेगा।” उन्होंने बताया कि महिला आयोग ने इस मामले को शुरू से ही गंभीरता से लिया था और इसकी पैरवी के लिए कदम उठाए थे। चेयरपर्सन ने इस सजा को समाज में जागरूकता और डर पैदा करने वाला कदम बताया, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर लगाम लग सके।
पीड़िताओं से आगे आने की अपील
चेयरपर्सन ने पंजाब की महिलाओं से अपील की कि वे यौन शोषण या किसी भी तरह के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने कहा, पंजाब राज्य महिला आयोग हर पीड़िता के साथ खड़ा है। हम उन्हें कानूनी मदद, भावनात्मक सहारा और पुनर्वास के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार हैं। अगर आपके साथ या आपके किसी जानने वाले के साथ ऐसा कुछ हुआ है, तो बिना डरे हमसे संपर्क करें। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
ये भी देखे: बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, याचिकाकर्ताओं को मुआवजा देने का आदेश