गाजा पट्टी एक बार फिर इजरायली हमलों की चपेट में आ गई है। मंगलवार (18 मार्च) की सुबह इजरायल ने गाजा में जोरदार हवाई हमला किया, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। बीते 15 महीनों में यह सबसे भीषण हमला माना जा रहा है। इस हमले के साथ ही गाजा में बीते 57 दिनों से चली आ रही शांति फिर से टूट गई है और हिंसा का दौर लौट आया है।
हमास के मंत्री और ब्रिगेडियर समेत 200 से ज्यादा लोग मारे गए
रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के इस ताजा हमले में हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी, ब्रिगेडियर और कई अन्य लोगों की जान चली गई। अब तक 200 से ज्यादा फिलिस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं।
इस हवाई हमले में हमास के आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालय में संगठन और प्रशासन प्राधिकरण के प्रमुख ब्रिगेडियर बहजत हसन अबू सुल्तान और उप आंतरिक मंत्री जनरल महमूद अबू वत्फा की भी मौत हो गई है। इस हमले ने गाजा और इजरायल के बीच युद्धविराम समझौते को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
गाजा के अलग-अलग इलाकों में तबाही
गाजा की नागरिक सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, रमजान के महीने में किए गए इस हमले में सबसे ज्यादा आम नागरिकों को नुकसान हुआ है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में मौत हो गई है, जबकि करीब 150 अन्य घायल हुए हैं।
हमलों के दौरान उत्तरी गाजा, गाजा सिटी, डेर अल-बलाह, खान यूनिस और राफा जैसे इलाकों में भीषण धमाके सुने गए। कई इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में काफी मुश्किलें आ रही हैं।
इजरायली सेना का बयान
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि वे “राजनीतिक आदेश” के अनुसार गाजा पट्टी में हमास से जुड़े “आतंकी ठिकानों” को निशाना बना रहे हैं। इजरायल ने इस हमले को अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है और संकेत दिए हैं कि सैन्य कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है।
इजरायल और हमास के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ था, लेकिन इस हमले के बाद हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं। पहले युद्धविराम के चलते हिंसा पर कुछ समय के लिए रोक लगी थी, लेकिन अब एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच टकराव तेज हो गया है।
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