मुंबई, 08 मार्च: महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के प्रमुख अबू आज़मी ने हाल ही में अपने निलंबन को रद्द करने की मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को पत्र लिखा है। यह निलंबन उन पर मुग़ल सम्राट औरंगजेब पर की गई उनकी टिप्पणी के कारण किया गया था, जिसने महाराष्ट्र में बड़ा विवाद पैदा कर दिया था।
पत्र में आज़मी ने स्पष्ट किया कि उनके बयान को संदर्भ से बाहर लिया गया था। उन्होंने कहा, “जो कुछ भी मैंने कहा वह कई इतिहासकारों और लेखकों के उद्धरणों पर आधारित था। मेरा उद्देश्य छत्रपति संभाजी महाराज और छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करना नहीं था। मैं दोनों का सच्चे दिल से सम्मान करता हूं।”
मीडिया पर आरोप – बयान को गलत तरीके से पेश किया गया
आज़मी ने मीडिया पर आरोप लगाया कि उन्होंने जो कहा उसे जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने बताया कि 3 मार्च को जब मीडिया के प्रतिनिधि उनके पीछे आए थे और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा राहुल गांधी की आलोचना करते हुए औरंगजेब का जिक्र करने पर उनकी प्रतिक्रिया जानना चाही, तब उन्होंने मीना भार्गव के एक लेख का हवाला दिया था।
पत्र में अबू आज़मी ने विधानसभा अध्यक्ष से अपने निलंबन को रद्द करने की अपील की है। उन्होंने कहा, “मेरे शब्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और इससे मेरी छवि खराब हुई है। मैंने कभी भी छत्रपति संभाजी महाराज का अपमान नहीं किया और न ही उनके प्रति किसी तरह की विवादास्पद टिप्पणी की।”
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