अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की याचिका खारिज की

by Manu
तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यर्पण

नई दिल्ली, 07 मार्च: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया है। यह महत्वपूर्ण फैसला उस समय लिया गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान राणा को भारत प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दी थी।

सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश एलेना कगन ने राणा के प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया। इसके बाद, राणा के वकील ने एक आपातकालीन आवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने आग्रह किया कि यह मामला अमेरिका के मुख्य न्यायाधीश के सामने रखा जाए। हालांकि, कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया और राणा के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ कर दिया।

राणा, जो पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, वर्तमान में लॉस एंजिल्स की एक जेल में बंद है। उसने अपनी याचिका में यह दावा किया था कि अगर उसे भारत भेजा गया, तो उसे भारतीय जेलों में उसके पाकिस्तानी मूल और मुस्लिम पहचान के कारण प्रताड़ित किया जाएगा।

ट्रंप का निर्णय: तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फरवरी में अमेरिका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की थी कि उनका प्रशासन राणा को “भारत में न्याय का सामना करने” के लिए प्रत्यर्पित करेगा। इस फैसले से पहले जनवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राणा की समीक्षा याचिका को भी खारिज कर दिया था, जिससे उसके प्रत्यर्पण का रास्ता और स्पष्ट हो गया था।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 2011 में राणा और आठ अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें उन्हें 2008 के मुंबई हमलों की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का दोषी ठहराया गया था। इस आतंकी हमले में 175 लोग मारे गए थे, और कई प्रमुख स्थानों पर आतंकवादियों ने चार दिनों तक आतंक मचाया था।

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