डिप्टी कमिश्नर की तरफ से साकेत अस्पताल का अचानक दौरा, नशा छोडऩे के लिए दाखिल व्यक्तियों के साथ बातचीत करके फीडबैक की हासिल

डा. प्रीति यादव की तरफ से नशा छोड़ चुके नौजवानों को रोजगार और कारोबार ब्यूरो के द्वारा रोजगार और स्वै रोजगार के मौके प्रदान पर जोर

by TheUnmuteHindi
डिप्टी कमिश्नर की तरफ से साकेत अस्पताल का अचानक दौरा, नशा छोडऩे के लिए दाखिल व्यक्तियों के साथ बातचीत करके फीडबैक की हासिल

डिप्टी कमिश्नर की तरफ से साकेत अस्पताल का अचानक दौरा, नशा छोडऩे के लिए दाखिल व्यक्तियों के साथ बातचीत करके फीडबैक की हासिल
– डा. प्रीति यादव की तरफ से नशा छोड़ चुके नौजवानों को रोजगार और कारोबार ब्यूरो के द्वारा रोजगार और स्वै रोजगार के मौके प्रदान पर जोर
पटियाला, 5 फरवरी : डिप्टी कमिश्नर डा. प्रीति यादव ने आज रैड्ड क्रास नशा मुक्ति और पुर्नवास केंद्र साकेत अस्पताल का अचानक दौरा करके नशा छोडऩे के लिए यहां दाखिल व्यक्तियों के साथ बातचीत करके फीडबैक हासिल की। इस मौके उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पटियाला जिले के नशा छुड़ाओ केन्द्रों में इलाज करवा रहे मरीजों को रोजगार और कारोबार ब्यूरो में रजिस्टर किया जायेगा और उन को रोजगार और स्वै रोजगार के बेहतर मौके प्रदान किये जाएंगे जिससे वह आत्म निर्भर होकर मसाज की मुख्य धारा के साथ चल सकें। इस मौके उन के साथ ए. डी. सी (ज) ईशा सिंगल भी मौजूद थे।
डा. प्रीति यादव ने अस्पताल की प्रोजैकट डायरैक्टर परमिन्दर कौर मनचंदा को हिदायत की कि नशा छोड़ चुके मरीजों की लगातार टेली काउंसलिंग (फोन जरिए) की जायेगी जिससे उन को लगातार मोटीवेशन मिलती रहे। उन्होंने कहा कि अस्पताल से छुट्टी होने उपरांत पहले हर सप्ताह, फिर 15 दिनों बाद और फिर महीने में एक बार जरूर उन के साथ बात की जाये। उन्होंने कहा कि ठीक होते जा रहे मरीजों का व्हाटसएप ग्रुप भी बनाया जाये जहां वह अपनी समस्याएं बता सकें और माहिर डाक्टर और मनोविज्ञान अपनी राए दे सकें। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि मुख्य मंत्री स. भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर जिले के सभी नशा छुड़ाओ केन्द्रों में इलाज करवा रहे मरीजों के हुनर विकास के लिए पेशा प्रमुख कोर्स शुरू किये जाएंगे, जिससे उन का नशा छोडऩे बाद में समाज में पुर्नवास आसान हो सके। उन्होंने कहा कि हर कोर्स के लिए 30 व्यक्तियों का ग्रुप बना कर उन की इच्छा अनुसार ए.सी. रिपेअर, वैल्डर, प्लम्बर आदि जैसे सिखलाई प्रोग्राम करवाए जाएंगे और यदि एक सैंटर पर 30 से कम व्यक्ति एक कोर्स में होंगे तो वहां दूसरे सैंटरों से बस के द्वारा उन को लाया जायेगा और सिखलाई दी जायेगी। उन्होंने कहा कि बाहर के जिलों से दाखिल मरीजों को भी रोजगार के मौके प्रदान करने के लिए सम्बन्धित जिले के रोजगार ब्यूरो के साथ संपर्क करके उनकी रजिस्ट्रेशन करवाई जायेगी। इस मौके डिप्टी मैडीकल कमिश्नर डा. जसविन्दर सिंह और डा. संदीप सिंह भी मौजूद थे।

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