वातावरण बारे जागरूकता पैदा करने के लिए सिनेमा है एक प्रभावशाली माध्यम : प्रो. नरिन्दर कौर मुल्तानी

पंजाबी यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय वातावरण और सिनेमा उत्सव शुरू

by TheUnmuteHindi
वातावरण बारे जागरूकता पैदा करने के लिए सिनेमा है एक प्रभावशाली माध्यम : प्रो. नरिन्दर कौर मुल्तानी

वातावरण बारे जागरूकता पैदा करने के लिए सिनेमा है एक प्रभावशाली माध्यम : प्रो. नरिन्दर कौर मुल्तानी
– पंजाबी यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय वातावरण और सिनेमा उत्सव शुरू
पटियाला, 30 जनवरी : पंजाबी यूनिवर्सिटी में थियेटर और फिल्म निर्माण विभाग के सहयोग साथ पंजाब स्टेट कौंसिल फार साइंस एंड टैकनॉलॉजी की तरफ से करवाया जा रहा तीन दिवसीय वातावरण और सिनेमा उत्सव आज शुरू हो गया है।
डीन अकादमिक मामले प्रो. नरिन्दर कौर मुल्तानी ने उद्घाटनी सैशन में दिए अपने स्वागती भाषण दौरान पांच तत्वों के हवाले के साथ बात करते कहा कि जब भी पानी, मिट्टी, आग, हवा और आकाश की मात्रा में कोई असंतुलन पैदा होता है तो इस के साथ भयानक परिणाम निकलते हैं। उन्होंने कहा कि आज का मानव इन पांच तत्वों को प्रदूषित कर रहा है जो कि चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि वातावरण बारे जागरूकता पैदा करने के लिए सिनेमा एक बहुत ही प्रभावशाली माध्यम है। इस माध्यम का भरपूर प्रयोग करना चाहिए।
मुख्यमंत्री, पंजाब के पूर्व मीडिया डायरैक्टर बलतेज पन्नू ने उद्घाटनी समारोह में मुख्य मेहमान के तौर पर शिरकत करते कहा कि वातावरण प्रति दोस्ताना पहुंच अपणाए जाने सम्बन्धित जागरूकता पैदा करना समय की मुख्य जरूरत है। इस मकसद के लिए अच्छी फिल्मों के निर्माण की जरूरत बारे बात करते उन्होंने कहा कि आजकल अच्छे विषय वाली फिल्में बनाना भी वित्त पक्ष से जोखिम वाली बात नहीं रही क्योंकि आजकल प्रचलित ओ. टी. टी. के मंच पर हर तरह की फिल्मों के दर्शक मौजूद हैं। उन्होंने अपने निजी जिंदगी के अनुभव सांझे करते बताया कि वह अपनी जीवन शैली में हमेशा ही वातावरण पक्षीय पहुंच अपनाते हैं।
पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन डा. आदर्शपाल विग्ग ने कहा कि हमें वातावरण पक्षीय विकास माडल अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वातावरण पक्षीय पहुंच सब से पहले अपने आप से शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने पुरातन जीवन शैली की तरफ नजर मारें तो घरों में व्यर्थ पदार्थ नामात्र ही होते थे परन्तु अब दिखावे वाली जीवन शैली में हर व्यक्ति के पास अनावश्यक चीजों का भंडार है जो बहुत सारी व्यर्थ सामग्री का कारण भी बनता है।
पंजाब स्टेट कौंसिल फार साइंस एंड टैकनौलजी से कार्यकारी निर्देशक डा. प्रितपाल सिंह ने बताया कि कौंसिल की तरफ से करवाए गए एक अध्ययन अनुसार 1950 के दशक की तुलना में अब पंजाब का जलवायु बहुत बदल गया है। विशेष मेहमान के तौर पर शामिल हुए प्रो. के.सी. बराल ने कहा कि अब जब हम जलवायु पक्ष से एक संकट के समय में दाखिल हो चुके हैं तो लोगों को सिनेमा के माध्यम के साथ जागरूकत और शिक्षित किए जाने की जरूरत है। पंजाब स्टेट कौंसिल फार साइंस एंड टैकनौलजी के संयुक्त निर्देशक डा. के.एस. बाठ ने सवागती शब्दों दौरान इस फेस्टिवल के मकसद बारे बताया और कौंसिल की तरफ से इस दिशा में करवाई जा रही अन्य गतिविधियों बारे जानकारी दी गई।

You may also like