किसानों ने घेरा पटियाला डीसी दफ्तर : समुचे दिन रखी भूख हड़ताल

केंद्र और राज्य दोनों सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही हैं

by TheUnmuteHindi
किसानों ने घेरा पटियाला डीसी दफ्तर : समुचे दिन रखी भूख हड़ताल

किसानों ने घेरा पटियाला डीसी दफ्तर : समुचे दिन रखी भूख हड़ताल
– केंद्र और राज्य दोनों सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही हैं
– यदि डलेवाल को कुछ हुआ तो किसान पूरा पंजाब व देश जाम करेंगे
पटियाला, 6 मार्च : केंद्र और राज्य सरकार खिलाफ डलेवाल के मरन व्रत के हक में आज सैंकड़े किसानों ने पटियाला डीसी दफ़्तर का घिराव किया और 100 किसानों ने पूरा दिन भूख हड़ताल रखी। इस मौके किसानों ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें किसानोंं पर तसद्दद कर रही हैं। यदि डलेवाल को कुछ हुआ तो किसान पंजाब जाम कर देंगे। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर जिला पटियाला की तरफ से जत्थेबंदी के जिला प्रधान जोरावर सिंह बलबेड़ा के नेतृत्व में डी सी दफ़्तर पटियाला में 100 किसानों की तरफ से भूख हड़ताल की गई। किसान नेता जोरावर सिंह बलबेड़ा ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के राज्य प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल किसानों की हकी मांगें मनवाने के लिए मरन व्रत शुरू किए 100 दिन हो गए हैं। अपने नेता की यह बड़ी कुर्बानी को देखते हुए आज संसार भर के किसानों ने डीसी कार्यालयों केसमख 100 से अधिक किसानों ने सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक भूख हड़ताल रखकर अपने नेता का हौंसला बढ़ाया। उन्होंने बताया कि केंद्र की सरकार के लिए यह भूख हड़ताल एक संकेत है यदि केंद्र सरकार द्वारा जल्दी ही किसानों की माँगों पुरी नहीं की जातीं और यदि मरने व्रत पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल को कुछ होता है तो गांव गांव हर किसान डल्लेवाल बन कर सरकार खिलाफ मरन व्रत शुरू करेगा। इस मौके पर जिला सीनियर उप प्रधान महेन्दर सिंह, जिला प्रैस सचिव सरबजीत सिंह, बख्शीश सिंह हरपालपुर ब्लाक प्रधान घनौर, भुपिन्दर सिंह राठियांं महा सचिव ब्लाक सनौर, संतोख सिंह रायपुर, जसवीर सिंह, गुरमीत सिंह, बलजिन्दर सिंह, टहल सिंह , देवी दयाल आदि नेता शामिल थे।
भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद ने किसान नेताओं पर छापेमारी की सख्त शब्दों में निंदा की
भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद की तीन मैंबरी कमेटी की हंगामी मीटिंग राज्य नेता मनजीत सिंह न्याल के नेतृत्व में हुई। इस मीटिंग के बाद दिलबाग सिंह हरीगढ़ और जसविन्दर सिंह लोंगोवाल ने ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा किसान नेताओं के घरोंं मेंछापामारी करके उनको जेलों में डालने की सख्त शब्दों में निंदा की जाती है तथा कहा कि किसान नेतआों को बिना किसी देरी बिना शर्त रिहा िकया जाए ओर रोष प्रदर्शन के लिए चंडीगढ़ में जगह दी जाए। यदि पंजाब सरकार आगामी दिनों में इस तरह का व्यवहार अपनाती रही तो आगामी दिनों में जत्थेबंदियों द्वारा इसका सख्त विरोध किया जाएगा।

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