बुधवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 728 अंक, निफ्टी 181 अंक लुढ़का

by Manu
शेयर बाजार में गिरावट

मुंबई, 26 मार्च 2025: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को सात दिनों की तेजी का सिलसिला टूट गया। निफ्टी 50 और सेंसेक्स में भारी गिरावट देखी गई, जिसकी वजह ट्रंप प्रशासन द्वारा 2 अप्रैल से प्रस्तावित टैरिफ की आशंका, भारतीय रुपये में कमजोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रहीं। इन कारकों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिसके चलते मुनाफावसूली शुरू हो गई और बाजार में व्यापक बिकवाली का दौर चला।

बाजार का प्रदर्शन

दिन की शुरुआत में सेंसेक्स ने मजबूती दिखाई और इंट्राडे में 78,167.87 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। हालांकि, चुनिंदा दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली के कारण यह सूचकांक तेजी से नीचे आया और लाल निशान में चला गया। क्लोजिंग तक सेंसेक्स 728.69 अंक (0.93%) की गिरावट के साथ 77,288.50 पर बंद हुआ। इसी तरह, एनएसई निफ्टी भी शुरुआती तेजी के बाद 23,500 अंक से नीचे फिसल गया और 181.80 अंक (0.77%) गिरकर 23,486.85 पर बंद हुआ। बाजार की चौड़ाई कमजोर रही, जिसमें बीएसई पर 892 शेयरों में बढ़त, 2,992 में गिरावट और 100 में कोई बदलाव नहीं देखा गया।

प्रमुख लाभ और हानि

निफ्टी पर सबसे ज्यादा लाभ पाने वाले शेयरों में इंडसइंड बैंक, ट्रेंट, हीरो मोटोकॉर्प, एचसीएलटेक और भारती एयरटेल शामिल रहे। वहीं, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, सिप्ला, बीपीसीएल और बजाज फाइनेंस जैसे शेयर सबसे ज्यादा पिछड़ गए। निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में मुनाफावसूली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा।

बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह कमजोर बाजार चौड़ाई को दर्शाता है, जो निवेशकों के बीच बढ़ती सतर्कता का संकेत है। सभी सेक्टोरल इंडेक्स नकारात्मक क्षेत्र में बंद हुए, जिसमें निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी रियल्टी में 1-2 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई।

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित टैरिफ का असर

बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित टैरिफ, जो 2 अप्रैल से लागू हो सकते हैं, ने वैश्विक व्यापारिक अनिश्चितता को बढ़ा दिया है। इसके अलावा, भारतीय रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों के मनोबल को कमजोर किया। रुपये की गिरावट से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली बढ़ने की आशंका है, जिसका असर बाजार पर पड़ रहा है।

मंदी के माहौल के बावजूद, कई शेयरों ने अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर को छुआ। इनमें आवास फाइनेंसर्स, चंबल फर्टिलाइजर्स, एसबीआई कार्ड और टीसीपीएल पैकेजिंग जैसे नाम शामिल हैं।

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