नई दिल्ली, 19 सितंबर : भारत के द्वारा सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के अनुच्छेद 12 (3) के तहत 30 अगस्त को पाकिस्तान को नोटिस जारी किया गया। जिसमें तर्क दिया गया है कि परिस्थितियों में ‘मौलिक और अप्रत्याशित’ परिवर्तनों के कारण संधि का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक है। भारत और पाकिस्तान ने नौ वर्षों की बातचीत के बाद 19 सितम्बर, 1960 को सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किये थे, जिसमें विश्व बैंक भी एक हस्ताक्षरकर्ता था, जो कई सीमा पार नदियों के जल के उपयोग पर दोनों पक्षों के बीच सहयोग और सूचना के आदान-प्रदान के लिए एक तंत्र स्थापित करता है। सूत्रों ने बताया कि भारत की अधिसूचना में परिस्थितियों में आए मौलिक और अप्रत्याशित बदलावों पर प्रकाश डाला गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न चिंताओं में से महत्वपूर्ण हैं जनसंख्या में परिवर्तन, पर्यावरणीय मुद्दे तथा भारत के उत्सर्जन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए स्वच्छ ऊर्जा के विकास में तेजी लाने की आवश्यकता।
सिंधु जल संधि के तहत भारत ने पाक को किया नोटिस जारी
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